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Mother's Day Wishes

तेरी गोद में सिर रखकर, सारी दुनिया का सुकूँ मिलता है माँ* तेरे आँचल में, हर दर्द भूल जाता हूँ मैं माँ** तेरा त्याग, सारी दुनिया की मुहब्बत से ज़्यादा है माँ* तू ख़ुद गीले में सोई है, और मुझे सूखे में सुलाया है माँ** तू बहुत प्यारी बहन, बेटी और सबसे प्यारी है माँ* हर क़िरदार, तू बड़ी शिद्दत से निभाती है माँ** हो हमें दुख, तो तू तड़प जाती है माँ* माँ! ख़ुदा का सबसे अनमोल तोहफ़ा है** चूम लो इसके हाथों को, कि इन हाथों ने सदा तेरे लिए दुआ की है***

छोटे बच्चे Poem in Hindi

कितने सुंदर, कितने प्यारे और कितने मासूम होते हैं ये छोटे बच्चे! शरारत भी करें, तो ख़ुशी देते हैं ये छोटे बच्चे!! हर किसी को आकर्षित कर लेते हैं, ये छोटे बच्चे! इनकी कोमल-कोमल त्वचा में, एक जादू है!! इनके नन्हे-नन्हे हाथों में, एक मुक़द्दर है! खुलके उड़ने दो इन्हे, खुले आसमां के नीचे!! कि अपने देश का भविष्य हैं, ये छोटे बच्चे! इनका तुतला के बोलना, दिल को छू जाता है!! इनकी प्यारी-सी मुस्कान, हमें ऊर्जा से भरती है! इनका गिरना ज़मीं पे, और फिर उठकर के चलना!! हमें किसी भी मुश्किल में, हार ना मानना सिखाता है! इनका हर किसी से घुल-मिल जाना, हमें मानवता का पाठ पढ़ाता है!! ऐसे होते हैं, ये प्यारे छोटे बच्चे!!!

बचपन Poem for whatsapp status in Hindi

मेरा बचपन मुझे आज भी बहुत याद आता है! कभी लड़ना, कभी मान जाना!! वो हर त्योहार से पहले, खिलौनों की सारिणी बनाना! वो जंगल में जाकर आम, अमरूद का खाना!! मौहल्ले मे शोर मचाना, और फिर डर कर भाग जाना! वो शरारतों पर भी, मां का प्यार मिल जाना!! वो कक्षा में अपनी, कागज़ का जहाज़ बनाकर उड़ाना! मेरा बचपन मुझे आज भी बहुत याद आता है!! वो स्कूल ना जाने के, नए-नए बहाने बनाना! स्कूल में जाकर बार-बार धूप देख, छुट्टी का अनुमान लगाना!! खेलते-खेलते शाम हो जाने पर, अपनी जेब में घास की जड़ रख लाना! वो क्रिकेट का मैच खेलने के लिए, स्कूल ना जाना!! मेरा बचपन मुझे आज भी बहुत याद आता है!!! वो शाम होते ही, दोस्तों के साथ खेलने जाना! वो खेल-खेल में मेरा डॉक्टर, पुलिस और चोर बन जाना!! वो त्यौहार पर सबसे पैसे मिल जाना! वो ईदगाह में जाकर, चाट-पकौड़ी का खाना!! वो सुबह से शाम का, क्रिकेट खेलते-खेलते हो जाना! वो बेपरवाह सा मेरा बचपन, मुझे आज भी बहुत याद आता है!! वो बारिश में नहाना, और कागज़ की कश्ती चलाना! वो स्कूल की छुट्टी हो जाने पर, शोर मचाना!! वो नादान सा मेरा बचपन, मुझे बहुत याद आता है!!! ...

अपनों को समर्पित poem in hindi

क्या था ऐसा कि हम अपनों से दूर थे! क्या था ऐसा कि हम मजबूर थे!! बच्चें अपने "माँ-बाप" के प्यार को तरस गए थे! बूढ़े "माँ-बाप"अपने बच्चों के मिलन को तरस गए थे!! क्या था ऐसा कि बचपन काग़ज़ की कश्ती के बिना बीत रहा था! क्या था ऐसा कि हम अपनों से दूर जाने के बहाने ढूंढ रहे थे!! क्या था ऐसा कि हमें अपनी मां का हाल जानने की भी फुर्सत नहीं थी! कुदरत ने हमें अब चेताया है!! "कोरोना वायरस" के रूप में कुदरत का संदेश आया है! करो बात अपने "मां-बाप" से ये कुदरत ने फरमाया है!! जिन "भाई-बहनों" को तुमने ठुकराया है! मिलकर बात करो उनसे ये वक्त आया है!! "कोरोना वायरस" ने हमें ये समझाया है!!!

Poem on Corona Warriors

सब डर रहे हैं आज, महामारी की मार से! "कोरोना" पनप रहा है, अब बड़ी तेज चाल से!! कुछ लोग हैं जो भूले हैं, कर्तव्य पालन आज भी! कुछ लोग हैं जो लड़ रहे हैं, योद्धाओं की तरह!! देश के इन महान योद्धाओं को मेरा सलाम! छोड़े हैं हमारे स्वास्थ्य की खातिर, वो अपना परिवार!! कामना है मेरी रब से कि आप स्वस्थ रहें, कोरोना की मार से! रोशन हो मेरा देश, इस अंधकार से!! अब हमको भी अपना कर्तव्य पालन निभाना है! मानों  इन योद्धाओं की बात, कि देश को संक्रमण मुक्त बनाना है!! घर में रहो,  सुरक्षित रहो,  यही देश ने माना है! "सामाजिक दूरी" का कर्तव्य, हमें ईमानदारी से निभाना है!! देश के इन योद्धाओं का, हमें भी हौंसला बढ़ाना है! अपने वतन की खातिर, हमें भी आगे आना है!! कोरोना संक्रमण से लड़ रहे देश के इन योद्धाओं को, अपना सलाम पहुंचाना है!!